G7 से पहले जहाजों पर हमलों को लेकर भारत, अमेरिका में टकराव

खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों को लेकर भारत और अमेरिका आमने-सामने हैं, जिसमें 10 जून को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया और जोर देकर कहा कि वाणिज्यिक शिपिंग के खिलाफ ऐसे घातक कार्य अनुचित हैं। हालाँकि, अमेरिका ने अपने कार्यों का बचाव करते हुए कहा कि सभी वाणिज्यिक जहाजों को नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने वाली अमेरिकी सेना का पालन करना चाहिए और नाकाबंदी के उल्लंघन तथा ईरानी तेल के अवैध परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप G7 शिखर सम्मेलन में मिलने वाले हैं।
क्यों मायने रखता है
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकता है। भारत और अमेरिका, दो महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारों के बीच विवाद, व्यापक भू-राजनीतिक जटिलताओं और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने की चुनौतियों को रेखांकित करता है। G7 बैठक राजनयिक समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
मुख्य तथ्य
- •Date of attack on commercial ship: June 10
- •Number of Indian mariners killed: 3
- •Location of G7 summit: Evian-les-Bains, eastern France
- •US Secretary of State: Marco Rubio
- •Indian External Affairs Minister: S. Jaishankar
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