प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को भारत का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। धारवाड़ से सांसद जोशी कर्नाटक विश्वविद्यालय से कला स्नातक हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से पुराना जुड़ाव रहा है और उन्होंने पहले प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी सरकार में संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में कार्य किया है। देशभर में पेपर लीक और कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर छात्रों के व्यापक विरोध के बाद प्रधान ने इस्तीफा दिया था। जोशी की नियुक्ति शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हुई है।
AI सारांश
3 bulletsशिक्षा मंत्रालय में बदलाव
प्रह्लाद जोशी को धर्मेंद्र प्रधान की जगह नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। यह महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद हुआ है। प्रधान ने देशभर में कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
प्रह्लाद जोशी की पृष्ठभूमि और शिक्षा
27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में जन्मे प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने धारवाड़ में के.एस. आर्ट्स कॉलेज और कर्नाटक विश्वविद्यालय से कला स्नातक की डिग्री पूरी की। राजनीति में आने से पहले, जोशी व्यापार और सामाजिक कार्यों में शामिल थे, जो एक विविध पेशेवर पृष्ठभूमि को दर्शाता है।
राजनीतिक यात्रा और संबद्धता
प्रह्लाद जोशी 2004 से कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बी.एस. पाटिल के खिलाफ अपना पहला चुनाव जीता था। वह 2014 से 2016 तक कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। जोशी का अपने प्रारंभिक राजनीतिक जीवन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ मजबूत संबंध है और उन्हें ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने और 'कश्मीर बचाओ आंदोलन' जैसे आंदोलनों के दौरान प्रसिद्धि मिली।
पूर्ववर्ती मंत्री पद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार में प्रह्लाद जोशी ने 30 मई 2019 को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। इस कार्यकाल के दौरान, उन्होंने संसदीय कार्य, कोयला और खान सहित महत्वपूर्ण विभागों को संभाला। शिक्षा मंत्रालय में उनकी नियुक्ति अब उनके व्यापक राजनीतिक करियर में एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जोड़ती है।
क्यों मायने रखता है
नीट-यूजी पेपर लीक जैसे चल रहे विवादों के बीच एक नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति परीक्षा प्रणाली में सार्वजनिक विश्वास बहाल करने और भारत में शैक्षिक अखंडता के बारे में व्यापक चिंताओं को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह बदलाव शिक्षा क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों से निपटने पर एक नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का संकेत देता है।
मुख्य तथ्य
- •New Education Minister: Pralhad Joshi
- •Former Education Minister: Dharmendra Pradhan
- •Reason for Resignation: NEET-UG paper leak controversy and student protests
- •Pralhad Joshi's Education: Bachelor of Arts from Karnataka University
- •Pralhad Joshi's constituency: Dharwad (Karnataka)
- •Previous Role of Pralhad Joshi: Minister of Parliamentary Affairs, Coal, and Mines
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