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सीएम सैनी ने मानसून के लिए कड़े निर्देशों दिए

Briovo· 12 Jul 2026, 11:31 am IST
सीएम सैनी ने मानसून के लिए कड़े निर्देशों दिए

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मानसून के मद्देनजर अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जलभराव, बाढ़ और आपात स्थितियों से निपटने के लिए फील्ड निगरानी, ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त रखने, 24x7 कंट्रोल रूम संचालित करने और स्वास्थ्य विभाग को तैयार रखने पर जोर दिया। सैनी ने लापरवाही के प्रति सख्त चेतावनी दी और कहा कि जलभराव से जनता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को जल निकासी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव की घटनाओं का स्थायी समाधान खोजने के लिए विशेष रिकॉर्ड रखा जाएगा।

AI सारांश

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सीएम ने मानसून तैयारियों की समीक्षा की

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार देर रात एक उच्च-स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस की जिसमें मानसून की तैयारियों का जायजा लिया गया। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, उपायुक्त और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जलभराव के कारण जनता को होने वाली परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और तैयारियों में किसी भी तरह की लापरवाही को लेकर सख्त चेतावनी दी।

अधिकारियों को ज़मीनी स्तर पर काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री सैनी ने सभी उपायुक्तों और विभागीय अधिकारियों को ज़मीनी स्तर पर रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने हर साल जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान करने और पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया। बारिश के बाद, प्रभावित क्षेत्रों से युद्ध स्तर पर पानी निकालने का काम किया जाए, यह सुनिश्चित करते हुए कि सभी पंपिंग उपकरण ठीक से काम करें। सिंचाई, जनस्वास्थ्य और शहरी निकाय जैसे विभागों के बीच समन्वय जल निकासी के लिए महत्वपूर्ण है।

नदी और ड्रेनेज सिस्टम की निगरानी

नदियों, विशेषकर यमुना नदी के जलस्तर पर कड़ी निगरानी रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को ड्रेनेज सिस्टम और बरसाती पानी के रास्तों में आने वाली हर रुकावट को तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है ताकि पानी का प्राकृतिक बहाव न रुके। यदि नदियों का जलस्तर बढ़ता है, तो संवेदनशील और निचले इलाकों में तुरंत अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पुलिस, राजस्व और सिंचाई विभाग मिलकर काम करेंगे ताकि बाढ़ जैसी स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

स्वास्थ्य अलर्ट और 24/7 कंट्रोल रूम

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी जिलों में चौबीसों घंटे काम करने वाले बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों को जलभराव या बाढ़ की शिकायत सीधे दर्ज कराने के लिए प्रत्येक जिले में एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा, जिससे त्वरित कार्रवाई हो सके। स्वास्थ्य विभाग भी हाई अलर्ट पर है, यह सुनिश्चित करते हुए कि मानसून संबंधी संक्रामक रोगों को रोकने के लिए आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। बचाव नौकाओं और मशीनों का भी निरीक्षण करने को कहा गया है।

जलभराव का स्थायी समाधान

मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए सरकार ने एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस साल जहां भी पानी भरेगा, उसका एक विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस डेटा में प्रभावित क्षेत्र, पानी निकालने में लगा समय और सामान्य जीवन में व्यवधान की अवधि शामिल होगी। इस जानकारी का गहन विश्लेषण किया जाएगा ताकि इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थितियों को समझते हुए स्थायी और दीर्घकालिक समाधान विकसित किए जा सकें।

क्यों मायने रखता है

हरियाणा सरकार के इन सक्रिय उपायों का उद्देश्य मानसून के दौरान व्यापक व्यवधानों को रोकना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जो क्षेत्र के लिए एक आवर्ती चुनौती है।

मुख्य तथ्य

  • Chief Minister: Nayab Singh Saini
  • Meeting Method: Video Conference (late-night)
  • Key Directives: Field monitoring, drainage maintenance, 24x7 control rooms, health department readiness
  • Monitored Rivers: Yamuna and other local rivers
  • Future Action: Maintain detailed records of waterlogging for permanent solutions

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