कर्नाटक HC की KPSC भर्ती पर सख्ती, कोयंबटूर धमाके पर ED के आरोप
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के साबित होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। कोर्ट ने जांच CBI को सौंपने की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इसी बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खुलासा किया है कि 2022 कोयंबटूर बम विस्फोट के आरोपियों ने फर्जी कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र बेचकर अपनी गतिविधियों को वित्त पोषित किया था। इन पैसों का इस्तेमाल बम बनाने का सामान खरीदने और मद्रास अरबी कॉलेज का समर्थन करने के लिए किया गया था, जहाँ आरोपियों को कट्टरपंथी बनाया गया था।
AI सारांश
3 bulletsKPSC भर्ती पर न्यायिक जांच
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सरकारी नौकरी की संवैधानिक व्यवस्था पर एक सुनियोजित हमला होगा, न कि सिर्फ छिटपुट गड़बड़ी। एक पीठ ने 29 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की याचिका पर कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा है।
कोयंबटूर धमाके की फंडिंग का खुलासा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खुलासा किया है कि 2022 कोयंबटूर बम विस्फोट मामले के आरोपियों ने फर्जी कोविड-19 वैक्सीन प्रमाणपत्र घोटाले के माध्यम से अपनी आतंकवादी गतिविधियों को वित्त पोषित किया था। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2021 से जून 2022 के बीच बिना टीका लगवाए लोगों को फर्जी प्रमाणपत्र देकर धन जुटाया गया था। ED की जांच के अनुसार, इस धन का सीधा इस्तेमाल बम बनाने की सामग्री खरीदने में किया गया था।
मद्रास अरबी कॉलेज में कट्टरपंथ
NIA की FIR के आधार पर शुरू हुई आगे की जांच में सामने आया कि मद्रास अरबी कॉलेज (कोवई अरबी कॉलेज) ने आरोपियों के कट्टरपंथीकरण में भूमिका निभाई। कॉलेज के प्रमोटर जमील बाशा पर आरोप है कि उन्होंने आत्मघाती हमलावर जेमेशा मुबीन और गिरफ्तार उपदेशक मोहम्मद अजहरुद्दीन सहित 12 आरोपियों को अरबी शिक्षा के नाम पर कट्टरपंथी विचारों से प्रेरित किया। ED का कहना है कि अवैध धन ने इस कॉलेज की गतिविधियों का भी समर्थन किया।
जांच जारी
दोनों मामले संबंधित एजेंसियों द्वारा सक्रिय रूप से जांच के अधीन हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट KPSC भर्ती घोटाले में CBI जांच के संबंध में राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। साथ ही, ED कोयंबटूर बम विस्फोट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और व्यापक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
क्यों मायने रखता है
ये दो अलग-अलग घटनाएँ सार्वजनिक विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खतरों को उजागर करती हैं: सरकारी भर्ती में भ्रष्टाचार और अवैध माध्यमों से आतंकवादी वित्तपोषण।
मुख्य तथ्य
- •Karnataka HC hearing: July 29
- •KPSC recruitment: 400 veterinary officers
- •Coimbatore blast year: 2022
- •Fake certificate funding period: August 2021 to June 2022
- •Number of Coimbatore blast accused: 12
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