संसद का मॉनसून सत्र: लोकसभा में SC जज विधेयक, राज्यसभा में MSME विधेयक पास
मॉनसून सत्र के 11वें दिन, लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक पारित किया, जिससे मामलों के बैकलॉग से निपटने के लिए न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई। राज्यसभा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक पेश किया, और राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक पेश किया। दिल्ली में पुलिस कार्रवाई और NEET-UG पेपर लीक को लेकर दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ और 13 अगस्त, 2026 को समाप्त होगा।
AI सारांश
3 bulletsप्रमुख विधायी स्वीकृतियाँ
मॉनसून सत्र के ग्यारहवें दिन, लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक सफलतापूर्वक पारित कर दिया। इस महत्वपूर्ण कानून का उद्देश्य लंबित मामलों के बड़े बैकलॉग को संबोधित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करना है। साथ ही, राज्यसभा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य MSME आपूर्तिकर्ताओं को सशक्त बनाना है।
पेश किए गए नए विधेयक
लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए गए। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य बैंकिंग रिकॉर्ड से संबंधित कानूनी ढांचे का आधुनिकीकरण करना है। इसके बाद, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किया, जिसका कथित तौर पर संस्थान की स्वायत्तता को लेकर शिक्षाविदों और छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा है।
व्यापक विपक्षी विरोध प्रदर्शन
पूरे दिन, संसद के दोनों सदन विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित रहे। ये विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित थे: दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस बर्बरता और विवादास्पद NEET-UG पेपर लीक। लगातार व्यवधानों के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
संसदीय सत्र का विवरण
संसद का वर्तमान मॉनसून सत्र 20 जुलाई, 2026 को शुरू हुआ और 13 अगस्त, 2026 को समाप्त होने वाला है। यह सत्र गहन विधायी गतिविधियों के साथ-साथ विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों के कारण लगातार व्यवधानों से चिह्नित रहा है। ऐसे व्यवधानों के बीच महत्वपूर्ण विधेयकों का पारित होना चल रही विधायी प्रक्रिया को उजागर करता है।
क्यों मायने रखता है
विधायी कार्रवाई न्यायिक दक्षता और MSME के लिए समर्थन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करती है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि का लक्ष्य न्याय वितरण में तेजी लाना है, जबकि MSME विधेयक छोटे व्यवसायों के लिए सुरक्षा को मजबूत करता है। ये घटनाक्रम चल रहे संसदीय व्यवधानों के बीच कानूनी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को दर्शाते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Lok Sabha Action: Passed Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, increasing judge strength from 34 to 38.
- •Rajya Sabha Action: Passed Micro, Small and Medium Enterprises Development (Amendment) Bill.
- •New Bills Introduced: Bankers’ Books Evidence Bill and Indian Statistical Institute Bill introduced in Lok Sabha.
- •Protests and Adjournments: Both Houses saw protests over police brutality in Delhi and NEET-UG paper leak, leading to adjournments.
- •Session Duration: Monsoon session runs from July 20 to August 13, 2026.
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