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पूर्व MP AIG को दुष्कर्म, POCSO उल्लंघन में उम्रकैद

Briovo· 30 Jul 2026, 09:03 pm IST
पूर्व MP AIG को दुष्कर्म, POCSO उल्लंघन में उम्रकैद

जयपुर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने मध्य प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) अनिल मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्हें एक महिला के पति को कानूनी मदद का झूठा वादा कर बार-बार दुष्कर्म करने और उसकी नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत करने का दोषी ठहराया गया। अदालत ने मिश्रा द्वारा अपनी वरिष्ठ पुलिस पद का दुरुपयोग और विश्वासघात को उजागर किया। नाबालिग के साथ कृत्य के लिए उन्हें जुर्माने के साथ अतिरिक्त तीन साल की कैद भी मिली। यह घटनाएँ 2012 और 2014 के बीच भोपाल, जोधपुर और मुंबई सहित विभिन्न शहरों में हुईं।

AI सारांश

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पूर्व AIG दुष्कर्म व POCSO मामले में दोषी

जयपुर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) अनिल मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्हें एक महिला के साथ कई बार दुष्कर्म करने और उसकी नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत करने का दोषी पाया गया। अदालत ने जनता की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा विश्वास के गंभीर उल्लंघन और अधिकार के दुरुपयोग पर प्रकाश डाला।

सत्ता का दुरुपयोग और धोखेबाजी

अदालत ने कहा कि मिश्रा ने पीड़िता को उसके पति की कानूनी समस्याओं में मदद करने का वादा करते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने इस बहाने का इस्तेमाल भोपाल, जोधपुर और मुंबई सहित विभिन्न शहरों में महिला का यौन उत्पीड़न करने के लिए किया। न्यायाधीश ने जोर देकर कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में, मिश्रा पर जनता का भरोसा था, जिसका उन्होंने खुले तौर पर उल्लंघन किया।

शिकायत और घटनाओं का विवरण

पीड़िता ने 11 जुलाई, 2014 को जयपुर महिला थाना (दक्षिण) में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके पति के मध्य प्रदेश के सीहोर में कानूनी मामलों के कारण वह मार्च 2012 में मिश्रा से मिली थी। भोपाल में पहली मुलाकात के बाद, मिश्रा ने कथित तौर पर उसे विभिन्न बहानों से अन्य शहरों की यात्रा करने के लिए राजी किया, जहाँ बार-बार हमले हुए। इसके अतिरिक्त, अप्रैल 2014 में नाबालिग बेटी के साथ भी गलत हरकत की गई।

अदालत का फैसला और सजा

सभी सबूतों, गवाहों की गवाही और दोनों पक्षों की दलीलों की समीक्षा के बाद, विशेष पॉक्सो अदालत ने अनिल मिश्रा को सभी आरोपों में दोषी ठहराया। उन्हें महिला के साथ दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास और नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत के लिए जुर्माने के साथ अतिरिक्त तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने उनके कार्यों को बेहद गंभीर अपराध माना।

क्यों मायने रखता है

यह मामला सत्ता और पद के दुरुपयोग, विशेषकर कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा, के गंभीर परिणामों को रेखांकित करता है, और यौन अपराधों, जिसमें नाबालिग भी शामिल हैं, के पीड़ितों की रक्षा के लिए न्यायिक प्रणाली की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालता है।

मुख्य तथ्य

  • Convicted: Anil Mishra, former AIG of Madhya Pradesh Police
  • Charges: Rape of a woman, indecent act with her minor daughter
  • Sentencing: Life imprisonment for rape, 3 years for POCSO violation
  • Court: Special POCSO Court, Jaipur
  • Timeline: Incidents occured between March 2012 - April 2014; complaint filed July 2014
  • Method: Promised legal aid for woman's husband

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