संसद मानसून सत्र दिन 13: लोकसभा स्थगित, राज्यसभा ने SC न्यायाधीश विधेयक पारित किया
मानसून सत्र के 13वें दिन संसद के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया। लोकसभा को विपक्षी दलों के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण स्थगित किया गया, लेकिन इससे पहले Bankers’ Books Evidence Bill, 2026 को बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर राम मंदिर दान घोटाले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। राज्यसभा ने चर्चा के बाद सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया, हालांकि कुछ विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट किया। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से "पुलिस ज्यादतियों" पर बयान और राम मंदिर दान पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध मार्च भी निकाला।
AI सारांश
3 bulletsसंसदीय कार्यवाही में गतिरोध
मानसून सत्र के 13वें दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों में व्यवधान देखा गया, जिसके कारण उन्हें दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण बाधित हुई, जो जारी राजनीतिक असहमतियों को दर्शाता है। व्यवधानों के बावजूद, कुछ विधायी कार्य संपन्न हुए।
विरोध के बीच महत्वपूर्ण विधेयक पारित
राज्यसभा ने विस्तृत चर्चा के बाद सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को सफलतापूर्वक पारित कर दिया, हालांकि कुछ विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट किया। इसी बीच, लोकसभा ने जारी विरोध प्रदर्शनों के बावजूद Bankers’ Books Evidence Bill, 2026 को बिना किसी बहस के ध्वनि मत से पारित कर दिया। ये विधायी कार्रवाइयां महत्वपूर्ण संसदीय हंगामे के बीच हुईं।
विपक्ष की मांगें और सरकार की प्रतिक्रिया
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के भीतर एक विरोध मार्च आयोजित किया, जिसमें छात्रों के खिलाफ कथित "पुलिस ज्यादतियों" के संबंध में गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग की गई। उन्होंने राम मंदिर दान के कथित "दुरुपयोग" और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर भी चर्चा की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, सीपीआई और समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए राम मंदिर दान के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
गतिरोध के बीच उच्च-स्तरीय चर्चाएँ
संसद में जारी गतिरोध के बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता, राहुल गांधी के साथ 50 मिनट की चर्चा की। इस बैठक का उद्देश्य चल रहे संसदीय व्यवधानों को संबोधित करना और आगे का रास्ता खोजना था। हालांकि, विपक्षी की मांगों पर अपनी स्थिति कथित तौर पर अपरिवर्तित रही।
न्यायिक सुधार और लंबित मामलों की चिंताएँ
राज्यसभा में एससी न्यायाधीश विधेयक पर चर्चा के दौरान, कई सांसदों ने न केवल सर्वोच्च न्यायालय में बल्कि उच्च न्यायालयों और निचली अदालतों में भी न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सबरीमाला मामले का उदाहरण देते हुए उच्च न्यायपालिका में संरचनात्मक बदलावों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मामलों के लंबित होने और त्वरित न्याय की आवश्यकता पर भी चिंता व्यक्त की गई।
क्यों मायने रखता है
मानसून सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए, लेकिन संसदीय कार्यवाही में भारी व्यवधान भी देखा गया, जिससे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव उजागर हुए।
मुख्य तथ्य
- •Lok Sabha Adjournment: Adjourned due to Opposition protests on August 5, 2026.
- •Rajya Sabha Bill Passed: Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026, cleared.
- •Lok Sabha Bill Passed: Bankers’ Books Evidence Bill, 2026, passed without debate.
- •Opposition Protest Reason: Demanding Amit Shah's statement on 'police excesses' and discussion on Ram Temple donations.
- •Government Stance: Kiren Rijiju criticized Opposition for politicizing Ram Temple donations scam.
- •Meeting: Kiren Rijiju held 50-minute discussion with LoP Rahul Gandhi amid deadlock.
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