सरकार ने राज्यों से स्वतंत्रता दिवस से पहले आदिवासी कल्याण शिविर लगाने का आग्रह किया
जनजातीय मामलों के मंत्रालय (MoTA) ने राज्यों को 13-15 अगस्त के बीच आदि सेवा केंद्रों पर "जन सुनवाई" (सार्वजनिक शिकायत और अधिकार शिविर) आयोजित करने का निर्देश दिया है। पिछले सितंबर में पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए आदि कर्मयोगी अभियान का हिस्सा यह पहल, आदिवासी कल्याण योजनाओं की घर-घर डिलीवरी सुनिश्चित करना है। इन शिविरों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) और जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) को भी बढ़ावा दिया जाएगा। जिला कलेक्टरों को इन प्रयासों का नेतृत्व करने का काम सौंपा गया है, जिससे विभिन्न विभागों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके और आदिवासी समुदाय की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
AI सारांश
3 bulletsयोजनाओं की घर-घर डिलीवरी
जनजातीय मामलों के मंत्रालय (MoTA) ने सभी राज्यों से स्वतंत्रता दिवस से पहले सार्वजनिक पहुंच शिविर आयोजित करने का आग्रह किया है। 13 से 15 अगस्त तक निर्धारित इन 'जन सुनवाई' शिविरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केंद्र की आदिवासी कल्याण योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंचें।
आदि कर्मयोगी अभियान की भूमिका
यह जन पहुंच अभियान आदि कर्मयोगी अभियान के तहत चलाया जा रहा है, जिसे पिछले साल सितंबर में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था। इस अभियान का लक्ष्य एक लाख गांवों में लगभग बीस लाख स्वयंसेवकों का जमीनी आदिवासी नेतृत्व स्थापित करना है।
आदि सेवा केंद्रों पर जन सुनवाई
MoTA सचिव ने राज्य के मुख्य सचिवों को आदि सेवा केंद्रों पर इन 'जन सुनवाई' शिविरों का आयोजन करने का निर्देश दिया है। इन केंद्रों में, जहां अब तक 38,509 स्थापित किए जा चुके हैं, आदिवासी-बहुल गांवों के लिए स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने और विकास रोडमैप तैयार करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
प्रमुख कार्यक्रम और नेतृत्व
जिला कलेक्टरों से इन सार्वजनिक पहुंच प्रयासों का नेतृत्व करने की उम्मीद है, जिसमें आदिवासी विकास एजेंसियां और स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण मामलों जैसे विभिन्न विभागों के अग्रिम पंक्ति के अधिकारी शामिल होंगे। ये शिविर धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) और जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) जैसे प्रमुख कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देंगे।
सामाजिक-आर्थिक उत्थान का लक्ष्य
पीएम-जनमन का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में अंतराल को पाटकर विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। दूसरी ओर, डीएजेजीयूए आदिवासी गांवों के समग्र विकास पर केंद्रित है, इन समुदायों में व्यापक प्रगति सुनिश्चित करता है।
क्यों मायने रखता है
यह पहल आदिवासी कल्याण योजनाओं को सीधे लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, समावेशी विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर शिकायतों का निवारण करने का लक्ष्य रखती है।
मुख्य तथ्य
- •Initiative Name: Adi Karmayogi Abhiyan
- •Outreach Dates: August 13-15
- •Organizing Body: Ministry of Tribal Affairs (MoTA)
- •Launch Date of Abhiyan: September last year
- •Number of Kendras Established: 38,509
- •Proposed Kendras: 41,454
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