बस्तर बाढ़: NH-130 पुलिया क्षतिग्रस्त, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पिछले तीन दिनों से बस्तर संभाग में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। बचाव अभियान शुरू कर दिए गए हैं, और प्रशासन ने महत्वपूर्ण मार्गों पर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। नारायणपुर में पानी में फंसे 16 ग्रामीणों को बचाया गया, और बीजापुर में एक बीमार बच्चे को बाढ़ग्रस्त सड़कों के रास्ते अस्पताल पहुँचाया गया। सुकमा में एक पेड़ गिरने से पिकअप ट्रक चालक को बचाया गया। दंतेवाड़ा में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है, जिसके कारण अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग बंद कर दिया गया है।
AI सारांश
3 bulletsबस्तर में व्यापक जलप्रलय
बस्तर संभाग पिछले तीन दिनों से भारी बारिश की चपेट में है, जिससे नदियाँ और नाले उफान पर हैं। इससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, और कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिले वर्तमान में मानसून के प्रकोप का सामना कर रहे हैं।
बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त और महत्वपूर्ण बचाव कार्य
नारायणपुर में, महाराष्ट्र को जिले से जोड़ने वाले NH-130 पर बाकुलाही के पास पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे यातायात बाधित हो गया। नारायणपुर पुलिस, आईटीबीपी और ज़िला बाढ़ राहत दल के संयुक्त अभियान में चिकपाल से 16 ग्रामीणों को सफलतापूर्वक बचाया गया। इसी तरह, बीजापुर में, नगर सेना के जवानों ने बाढ़ के पानी को पार करते हुए एक बीमार बच्चे और उसकी माँ को अस्पताल पहुँचाया, जिससे बच्चे की जान बच गई।
सुकमा में पेड़ गिरने और दंतेवाड़ा में भूस्खलन का खतरा
सुकमा जिले में एक बड़ी घटना तब हुई जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर सम्राट नगर के पास एक विशाल पेड़ एक चलते हुए पिकअप ट्रक पर गिर गया, जिससे चालक फंस गया। पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों की एक घंटे की त्वरित बचाव कार्रवाई ने चालक को मुक्त कराया, जिसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच, दंतेवाड़ा में भूस्खलन के लिए उच्च सतर्कता है, जिसके कारण अरनपुर-जगरगुंडा सड़क को मिट्टी के कटाव और आगे भूस्खलन के जोखिम के कारण बंद कर दिया गया है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
बस्तर के सभी प्रभावित जिलों में प्रशासन, पुलिस, नगर सेना, आईटीबीपी और राहत दल हाई अलर्ट पर हैं। संवेदनशील पुलों, पुलियों और नदी घाटों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। निवासियों को बाढ़ग्रस्त मार्गों या उफनती नदियों और नालों को पार करने की कोशिश न करने की कड़ी सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।
क्यों मायने रखता है
बस्तर संभाग में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है, संचार व्यवधान हुआ है, और निवासियों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा हुए हैं। जारी बचाव प्रयास समुदायों के सामने आने वाले तत्काल खतरों को उजागर करते हैं, जबकि सड़क बंद होना और संभावित भूस्खलन व्यवधान और वसूली चुनौतियों की लंबी अवधि का संकेत देते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Affected Districts: Narayanpur, Bijapur, Sukma, Dantewada
- •NH-130 Damage: Culvert near Bakulahi damaged in Narayanpur
- •Narayanpur Rescue: 16 villagers (7 children, 3 women, 6 men) rescued from Chikpal
- •Bijapur Medical Rescue: Sick child and mother transported through floods by Home Guard
- •Sukma Incident: Pickup driver rescued after tree fell on vehicle near Samratnagar
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