कर्नाटक कांग्रेस ने राम मंदिर ट्रस्ट अनियमितताओं पर इस्तीफे की मांग की
कर्नाटक कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। यह मांग अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की देखरेख करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं के कारण है। कांग्रेस ने धन, सोना, चांदी और हीरे सहित दान के कथित गबन की एसआईटी और सीबीआई जांच की भी मांग की। उनका दावा है कि जनता से एकत्र किए गए करोड़ों रुपये का ठीक से हिसाब नहीं रखा गया है, और उच्च पदस्थ लोगों को बचाने के लिए कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
AI सारांश
3 bulletsकांग्रेस ने प्रमुख इस्तीफे की मांग की
कर्नाटक कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की आधिकारिक रूप से मांग की है। यह मांग कर्नाटक कांग्रेस की आम बैठक में पारित एक प्रस्ताव के माध्यम से औपचारिक रूप से की गई थी।
राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ आरोप
इस्तीफे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर कथित अनियमितताओं के संबंध में मांगे गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा गठित यह ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की देखरेख के लिए जिम्मेदार है।
एसआईटी और सीबीआई जांच की मांग
इस्तीफों के अलावा, कर्नाटक कांग्रेस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच के गठन की मांग की है। इन जांचों का उद्देश्य कथित घोटाले और धन के गबन की जांच करना है।
जनता के दान के गबन का दावा
प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि ट्रस्ट ने जनता और सरकारों से दान में "हजारों करोड़ रुपये" एकत्र किए थे। इसमें आगे दावा किया गया है कि सोने, चांदी और हीरे सहित इन दान को व्यवस्थित रूप से गबन किया गया है और उनका ठीक से हिसाब नहीं रखा गया है।
आरोपियों को बचाने का आरोप
कर्नाटक कांग्रेस ने अधिकारियों पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय कर्मचारियों को गिरफ्तार करने का भी आरोप लगाया है। उनका तर्क है कि यह कथित वित्तीय कदाचार के लिए वास्तव में जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास है।
भगवान राम और राष्ट्रीय पहचान का अनादर
पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि कथित घोटाले ने "भगवान श्री राम का अनादर किया है" और राष्ट्र की पहचान, परंपराओं, संस्कृति और मूल्यों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने अपनी मजबूत मांगों के कारणों के रूप में व्यापक जनहित और आहत भावनाओं का हवाला दिया।
क्यों मायने रखता है
राम मंदिर निर्माण से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और दान के गबन के आरोप, जो राष्ट्रीय महत्व और immense public sentiment की एक परियोजना है, ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। उच्च-स्तरीय इस्तीफों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच की मांग आरोपों की गंभीरता और सार्वजनिक विश्वास और राजनीतिक विमर्श पर उनके संभावित प्रभाव को रेखांकित करती है।
मुख्य तथ्य
- •Accused of Irregularities: Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust
- •Officials whose resignation demanded: PM Modi, HM Amit Shah, CM Yogi Adityanath
- •Investigations demanded: Special Investigation Team (SIT) and Central Bureau of Investigation (CBI)
- •Alleged misappropriation: Tens of thousands of crores of rupees, gold, silver, diamonds, and other valuables
- •Party making allegations: Karnataka Congress
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