RBI की संसद को चेतावनी: क्रिप्टो भारत के लिए खतरा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक संसदीय समिति को चेतावनी दी है कि क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक गंभीर खतरा हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि VDAs का उपयोग आतंक वित्तपोषण, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिससे कानूनी मान्यता देना फिलहाल अनुचित होगा। RBI ने अपतटीय क्रिप्टो संस्थाओं की निगरानी में कठिनाई पर प्रकाश डाला, जो नियामक एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौतियाँ पेश करती है। भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने "वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) और आगे का रास्ता" विषय पर चर्चा की। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) ने व्यापक VDA कानून का समर्थन किया।
AI सारांश
3 bulletsसंसद को RBI की कड़ी चेतावनी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति को अपनी दृढ़ स्थिति बताई है, जिसमें कहा गया है कि क्रिप्टोकरेंसी सहित वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा हैं। केंद्रीय बैंक ने वर्तमान में इन डिजिटल परिसंपत्तियों को कानूनी मान्यता न देने की स्पष्ट सलाह दी है।
आतंकवाद वित्तपोषण और अवैध गतिविधियां
आरबीआई द्वारा उठाई गई एक प्राथमिक चिंता क्रिप्टोकरेंसी के अवैध उद्देश्यों के लिए संभावित दुरुपयोग है। केंद्रीय बैंक ने इस बात पर प्रकाश डाला कि VDAs आतंकवाद के वित्तपोषण, मादक पदार्थों की तस्करी को सुविधाजनक बनाने और अन्य गैरकानूनी वित्तीय लेनदेन को सक्षम करने में सहायक हो सकते हैं, जिससे उनके अनियंत्रित प्रसार से जुड़े गंभीर जोखिमों पर जोर दिया गया।
नियामक निगरानी में चुनौतियाँ
आरबीआई ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग की प्रकृति से उत्पन्न महत्वपूर्ण नियामक चुनौतियों की ओर भी इशारा किया। इसने क्रिप्टो लेनदेन में शामिल विदेशी (अपतटीय) संस्थाओं की निगरानी में अत्यधिक कठिनाई को नोट किया, जो ऐसेM लेन-देन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की मांग करने वाली नियामक एजेंसियों के लिए पर्याप्त बाधाएँ पैदा करता है।
संसदीय समिति की चर्चाएँ
भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता में संसदीय वित्त समिति ने 'वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) और आगे का रास्ता' विषय पर चर्चा के लिए बैठक की। इस सत्र के दौरान, RBI और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के प्रतिनिधियों ने इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिससे इस मुद्दे की व्यापक समझ में योगदान मिला।
ICAI ने व्यापक कानून का समर्थन किया
आरबीआई केF सतर्क रुख के विपरीत, भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) ने व्यापक VDA कानून के निर्माण की वकालत की। ICAI ने निवेशकों और अन्य हितधारकों के लिए नियमों में अधिक स्पष्टता लाने के लिए सिद्धांत-आधारित ढांचा और आवश्यक दिशानिर्देश विकसित करने में सरकार की सहायता करने की अपनी तत्परता व्यक्त की।
क्यों मायने रखता है
आरबीआई का क्रिप्टोकरेंसी को वैध बनाने के खिलाफ कड़ा रुख भारत की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था में वित्तीय स्थिरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और नियामक निरीक्षण के बारे में चिंताओं को उजागर करता है। यह निवेशकों, नीति निर्माताओं और देश में डिजिटल परिसंपत्तियों के भविष्य को प्रभावित करता है।
मुख्य तथ्य
- •RBI's Stance: Cryptocurrencies pose a serious threat to emerging economies, should not be granted legal recognition.
- •Concerns Highlighted: Potential use in terror financing, drug trafficking, and other illegal activities.
- •Regulatory Challenge: Difficulty in monitoring offshore crypto entities makes effective control challenging.
- •Parliamentary Discussion: Smt. Standing Committee on Finance discussed
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