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मणिपुर: NH-2 पर नाकेबंदी जारी, विरोध प्रदर्शनों के बीच टेलीकॉम वाहन फूंका

Briovo· 06 Jul 2026, 10:34 am IST
मणिपुर: NH-2 पर नाकेबंदी जारी, विरोध प्रदर्शनों के बीच टेलीकॉम वाहन फूंका

मणिपुर में NH-2 पर आर्थिक नाकेबंदी 28वें दिन भी जारी है. यह विरोध छह लियांगमई नागा नागरिकों की कथित हत्या के विरोध में हो रहा है. इम्फाल पूर्व में एक टेलीकॉम वाहन को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया, उनका आरोप था कि इसमें प्रतिबंधित सामान था. इस घटना के बाद NH-2 पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कांगपोकपी में कुकी-जो समुदाय भी वाहनों की सामान्य आवाजाही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है. पुलिस कथित हत्याओं और वाहन जलाने की दोनों घटनाओं की जांच कर रही है. 5 जून से शुरू हुई नाकेबंदी पीड़ितों के लिए न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही है.

AI सारांश

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NH-2 पर बढ़ता तनाव

मणिपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) पर आर्थिक नाकेबंदी लगभग एक महीने से जारी है, जो 2 जुलाई, 2026 को 28वें दिन में प्रवेश कर गई. यह लंबा विरोध 13 मई को छह लियांगमई नागा नागरिकों के कथित अपहरण और हत्या के कारण हुआ है, जिनके शव एक महीने बाद बरामद हुए थे. प्रदर्शनकारी पीड़ितों के लिए त्वरित न्याय और जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.

टेलीकॉम वाहन में लगाई आग

पहले से ही अस्थिर स्थिति में एक नया मोड़ आता हुए, कांगपोकपी जा रहे एक टेलीकॉम उपकरण वाहन को 2 जुलाई को इम्फाल पूर्व में आग के हवाले कर दिया गया. कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों ने वाहन को इम्फाल लौटने की सलाह दी थी. प्रदर्शनकारियों ने वाहन को रोककर उसमें तंबाकू और अन्य प्रतिबंधित सामान होने का आरोप लगाया, जिसके बाद उसमें आग लगा दी गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच कर रही है.

बढ़ सुरक्षा व्यवस्था

चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हाल ही में हुई आगजनी की घटना के बाद, NH-2 पर, विशेष रूप से इम्फाल पश्चिम के नामदुइलोंग इलाके में, सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CRPF) के जवानों को तैनात किया गया है. अधिकारी आगे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और राजमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने का लक्ष्य बना रहे हैं, साथ ही नाकेबंदी हटाने के प्रयासों पर संभावित तनाव बढ़ने की आशंका भी है.

आपसी विरोधी मांगें और आरोप

नागा संगठनों ने 5 जून को आर्थिक नाकेबंदी शुरू की थी, जिसमें सशस्त्र कुकी उग्रवादियों पर हत्याओं का आरोप लगाया गया था और उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई थी. इस बीच, कांगपोकपी जिले में कुकी-जो समुदायों ने 30 जून को अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जिसमें NH-2 पर वाहनों की सामान्य आवाजाही फिर से शुरू करने की वकालत की गई. यह जटिल परिदृश्य क्षेत्र में गहरी अंतर-सामुदायिक तनाव और विरोधी मांगों को उजागर करता है.

पुलिस जांच जारी

पुलिस छह नागा नागरिकों की कथित हत्याओं और टेलीकॉम वाहन को जलाने की हालिया घटना दोनों की सक्रिय रूप से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है, और वाहन आगजनी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं. बढ़ती सुरक्षा उपस्थिति का उद्देश्य इन चल रही जांचों में सहायता करना और शांति बनाए रखना भी है.

क्यों मायने रखता है

लंबे समय से जारी नाकेबंदी आवश्यक आपूर्तियों को बाधित कर रही है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है. वाहन जलाने की घटना पहले से ही अस्थिर स्थिति में तनाव को और बढ़ा देती है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और अंतर-सामुदायिक संबंधों पर असर पड़ रहा है.

मुख्य तथ्य

  • Blockade Duration: 28 days (as of July 2, 2026)
  • Incident Trigger: Alleged killing of six Liangmai Naga citizens
  • Location of Blockade: National Highway-2 (NH-2), Manipur
  • Recent Incident: Telecom vehicle torched in Imphal East
  • Conflicting Protests: Naga organizations for justice and Kuki-Zo for free movement

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