कुलगाम: छत्तीसगढ़ के मजदूर TRF आतंकियों का निशाना बने
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। घाटी में 10 दिनों के भीतर लक्षित हत्या की यह दूसरी घटना है। लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह घटना कुलगाम के केल्लम में हुई, जहां आतंकवादियों ने एक ईंट भट्ठे पर मजदूरों पर गोलीबारी की। एक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरे ने श्रीनगर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे क्षेत्र में गैर-स्थानीय श्रमिकों पर लक्षित हमलों को लेकर चिंताएँ फिर से बढ़ गई हैं।
AI सारांश
3 bulletsकुलगाम में फिर आतंकी वारदात
कश्मीर घाटी में आतंकवाद एक बार फिर अपने पुराने और क्रूर तरीकों पर लौटता दिख रहा है। पहलगाम से महज 58 किलोमीटर दूर कुलगाम में हाल ही में एक आतंकी हमला हुआ है। लगभग डेढ़ साल की शांति के बाद, जिले में एक बार फिर गोलियों की गूंज सुनाई दी है। आतंकवादियों द्वारा 'लक्षित हत्याओं' के इस पुनरुत्थान ने क्षेत्र में गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
छत्तीसगढ़ के मजदूरों की हत्या
ताजा घटना में, कुलगाम के केल्लम इलाके में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों को आतंकवादियों ने बेरहमी से गोली मार दी। दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भूपिंदर ने श्रीनगर के SKIMS अस्पताल में दम तोड़ दिया। दोनों पीड़ित अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए काम के सिलसिले में कश्मीर आए थे।
TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी समूह, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस जघन्य हमले की जिम्मेदारी ली है। शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि आतंकवादियों ने गोलीबारी से पहले आईडी कार्ड की जांच की थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इससे इनकार किया है, और कहा कि यह आतंक फैलाने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी थी। हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और दोषियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।
लक्षित हत्याओं का पैटर्न
यह घटना एक परेशान करने वाले पैटर्न का हिस्सा है, जो घाटी में सिर्फ 10 दिनों के भीतर दूसरी लक्षित हत्या और तीसरी मौत है। 22 जुलाई को अनंतनाग में पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन को गोली मार दी गई थी। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवादी अक्सर सुरक्षा बलों के दबाव में निहत्थे प्रवासियों को निशाना बनाते हैं, जिसका उद्देश्य भय फैलाना, आर्थिक गतिविधियों को पंगु बनाना और मीडिया का ध्यान आकर्षित करना होता है।
मुख्यमंत्री ने निंदा की, सहायता की घोषणा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दो निर्दोष प्रवासी मजदूरों की बर्बर हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस कायरतापूर्ण कृत्य पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तपात की ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए प्रत्येक को ₹16 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की, जिसमें मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10 लाख और जिला प्रशासन से ₹6 लाख शामिल हैं।
क्यों मायने रखता है
कुलगाम में प्रवासी मजदूरों की हत्या कश्मीर में लक्षित हिंसा के चिंताजनक पुनरुत्थान का संकेत देती है, जिसका उद्देश्य गैर-स्थानीय श्रमिकों में भय पैदा करना और आर्थिक गतिविधियों को बाधित करना है। अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण अवधि के बाद हुई यह घटना, आतंकवादी समूहों से लगातार खतरे और निहत्थे नागरिकों की भेद्यता को उजागर करती है, जिसके लिए नई सुरक्षा रणनीतियों और कमजोर समुदायों की सुरक्षा की आवश्यकता है।
मुख्य तथ्य
- •Incident Location: Kellem, Kulgam, South Kashmir
- •Victims: Two migrant labourers from Chhattisgarh
- •Perpetrator: The Resistance Front (TRF), LeT proxy
- •Recent Incidents: Second target killing in 10 days; third death in 10 days
- •Previous Killings: Police Head Constable Ashiq Hussain shot on July 22 in Anantnag
- •Compensation Announced: ₹16 lakh each to victims' families by CM Omar Abdullah
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