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केंद्रीय बलों को मिलेंगे उन्नत IED-निष्क्रिय रोबोट

Briovo· 15 Jul 2026, 05:13 am IST
केंद्रीय बलों को मिलेंगे उन्नत IED-निष्क्रिय रोबोट

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) सहित भारतीय केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को जल्द ही विस्फोटक निपटान और निगरानी के लिए उन्नत रिमोटली ऑपरेटेड वाहन (ROV) मिलेंगे। ये ROV सभी मौसम स्थितियों में काम कर सकते हैं, दुश्मन की गतिविधियों के लाइव वीडियो फीड प्रदान कर सकते हैं, और आवश्यकता पड़ने पर SMG और AK-47 से फायरिंग भी कर सकते हैं। छोटे ROV के लिए परीक्षण वर्तमान में जारी हैं, और इन इकाइयों को जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसे उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के व्यापक खतरे का मुकाबला करने के लिए तैनात किया जाएगा। ROV मुश्किल इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान और परिवहन केंद्रों पर हमलों से जुड़े परिदृश्यों में निगरानी में भी सहायता करेंगे।

AI सारांश

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केंद्रीय बलों के लिए बढ़ी हुई क्षमताएं

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और भारत के अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बल उन्नत रिमोटली ऑपरेटेड वाहन (ROV) प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। ये अत्याधुनिक उपकरण विस्फोटक निपटान, विशेष रूप से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के खिलाफ, और महत्वपूर्ण निगरानी प्रदान करने में बलों की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य उच्च-खतरे वाले वातावरण में सुरक्षा कर्मियों के सामने आने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करना है।

बहुमुखी संचालन और आक्रामक क्षमताएं

ये ROV केवल निपटान के लिए नहीं हैं; वे विभिन्न इलाकों और परिस्थितियों में बहुमुखी संचालन के लिए इंजीनियर किए गए हैं। वे दुश्मन की गतिविधियों के लाइव वीडियो फीड प्रदान कर सकते हैं, जिससे जमीनी बलों को वास्तविक समय की खुफिया जानकारी मिलती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये उन्नत रोबोट आक्रामक क्षमताओं से लैस हैं, जो आवश्यकता पड़ने पर विरोधियों पर SMG और AK-47 से फायरिंग करने में सक्षम हैं, जिससे सैन्य मुठभेड़ों में एक सुरक्षात्मक परत जुड़ जाती है।

हर मौसम में तैनाती और चल रहे परीक्षण

ये ROV तूफान और कोहरे से लेकर भारी बारिश और पूर्ण अंधेरे तक, सभी मौसम की स्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। यह अप्रत्याशित और चुनौतीपूर्ण परिचालन परिदृश्यों में उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करता है। गृह मंत्रालय के तहत, इन ROV के छोटे संस्करणों के लिए परीक्षण वर्तमान में चल रहे हैं, जिसमें सभी केंद्रीय बल परीक्षण और औपचारिकता प्रक्रिया में शामिल हैं।

IED खतरों के खिलाफ लक्षित तैनाती

इन रोबोटिक इकाइयों को जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा, जहां इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) एक महत्वपूर्ण और लगातार खतरा पैदा करते हैं। इन क्षेत्रों में IED के व्यापक उपयोग से महत्वपूर्ण हताहत और क्षति हुई है। ROV ऐसे विस्फोटकों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए एक सुरक्षित और अधिक कुशल तरीका प्रदान करेंगे।

उग्रवाद से परे व्यापक अनुप्रयोग

उग्रवाद का मुकाबला करने से परे, ROVd विभिन्न अन्य सुरक्षा अनुप्रयोगों में भी महत्वपूर्ण होंगे। उन्हें विमानों, जहाजों, बंदरगाहों और ट्रेनों पर हमलों या संदिग्ध पैकेजों से जुड़े परिदृश्यों में तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा, उनकी निगरानी क्षमताएं पहाड़ों और घने जंगलों जैसे कठिन इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान खुफिया जानकारी जुटाने में अमूल्य होंगी, जिससे समग्र सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा।

क्यों मायने रखता है

उन्नत ROV की तैनाती से भारतीय केंद्रीय बलों की IED खतरों का मुकाबला करने और चुनौतीपूर्ण वातावरण में निगरानी करने की क्षमता में काफी वृद्धि होगी, जिससे अंततः सैनिकों की सुरक्षा और परिचालन प्रभावशीलता में सुधार होगा।

मुख्य तथ्य

  • Beneficiary Forces: NSG and other central paramilitary forces
  • Primary Function: Explosive disposal (IEDs) and surveillance
  • Weaponry Capability: Can fire SMGs and AK-47s
  • Operating Conditions: All-weather, including storm, fog, rain, darkness
  • Deployment Areas: Jammu & Kashmir, North-East, Naxal-affected regions, border areas
  • Control Mechanism: Fiber-optic communication or radio communication (wireless)

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