मॉनसून सत्र: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर हुई बहस
मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर बहस हुई। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक पेश किया, जिसमें उन्होंने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने पुरानी सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक, जैसे 2009 का रेलवे और 2012 का एम्स घोटाला, का उल्लेख कर कड़े उपायों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। भाजपा सांसद सतीश पूनिया ने कांग्रेस पर रचनात्मक चर्चा से बचने का आरोप लगाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पर बहस का समय बढ़ाने की पेशकश की। वहीं, कांग्रेस ने युवाओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही और पंजाब में पेपर लीक पर चिंता जताई।
AI सारांश
3 bulletsएंटी-पेपर लीक बिल पेश
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य मौजूदा 2024 के अधिनियम को मजबूत करना है, जिससे भारत भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित प्रथाओं के खिलाफ कड़े उपाय लागू किए जा सकें। इसका लक्ष्य सार्वजनिक परीक्षाओं की अखंडता और असंख्य छात्रों के भविष्य की रक्षा करना है।
पेपर लीक का ऐतिहासिक संदर्भ
डॉ. जितेंद्र सिंह ने पिछली सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने 2009 के रेलवे भर्ती बोर्ड लीक, 2011 की अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, और 2012 के एम्स प्रवेश पेपर लीक जैसे मामलों का जिक्र किया। इन उदाहरणों को लंबे समय से चली आ रही समस्या और केंद्रीय परीक्षा समिति के गठन की सिफारिशों के बावजूद कांग्रेस सरकार की कथित निष्क्रियता को रेखांकित करने के लिए प्रस्तुत किया गया था।
राजनीतिक बहस और आलोचना
सत्र के दौरान, भाजपा सांसद सतीश पूनिया ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन पर जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक बहस से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा करने में कांग्रेस की अनिच्छा पर भी निराशा व्यक्त की। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लचीलापन दिखाया और व्यापक चर्चा सुनिश्चित करने के लिए विधेयक पर बहस का समय बढ़ाने की पेशकश की।
विपक्षी दलों की मांगें और चिंताएँ
कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई, जिसमें पवन खेड़ा ने गृह मंत्री अमित शाह से बयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पेलेट गन और एके-47 के इस्तेमाल के लिए माफी मांगने की मांग की। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की राज्य में कथित पेपर लीक को लेकर आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
संसदीय कार्यवाही अपडेट
मॉनसून सत्र में व्यवधान देखने को मिला, जिसके कारण सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा को भी दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया और यह 29 जुलाई, 2026 को सुबह 11:00 बजे फिर से शुरू होगी। इन कार्यवाही के बीच, अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विपक्ष से सहयोग की अपील की।
क्यों मायने रखता है
यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जो भारत भर के लाखों छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों के भविष्य को सीधे प्रभावित करता है।
मुख्य तथ्य
- •Bill Presented: Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026
- •Presented By: Union Minister Dr. Jitendra Singh
- •Purpose: Strengthen measures against paper leaks and unfair practices
- •Criticism by BJP: Congress accused of avoiding debate by Satish Poonia
- •Previous Incidents Cited: 2009 Railway, 2011 AIEE, 2012 AIIMS Entrance, 2013 Maharashtra SSC leaks
- •Debate Extension: Kiren Rijiju offered to extend discussion time to 8-10 hours
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