ज़ोजिला सुरंग में हुआ ब्रेकथ्रू, कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच पूरे साल कनेक्टिविटी होगी

ज़ोजिला सुरंग, एक रणनीतिक अवसंरचना परियोजना, में 9 जून, 2026 को एक महत्वपूर्ण ब्रेकथ्रू हासिल हुआ, जिससे कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच पूरे साल कनेक्टिविटी स्थापित हो गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लद्दाख के मिनिमार्ग में रिमोट से विस्फोट किया, जिससे परियोजना का 85% काम पूरा हो गया। 11,578 फीट की ऊंचाई पर बनी यह 13.153 किमी लंबी, घोड़े की नाल के आकार की, दो-लेन वाली सुरंग यात्रा के समय को 1.5 घंटे से घटाकर सिर्फ 15 मिनट कर देगी। मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) द्वारा न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का उपयोग करके निष्पादित यह परियोजना फरवरी 2028 तक जनता के लिए खुलने की उम्मीद है, जिससे नागरिक और सैन्य गतिशीलता में काफी वृद्धि होगी।
क्यों मायने रखता है
यह ब्रेकथ्रू एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में रक्षा और व्यापार के लिए रणनीतिक कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है, जो भारत के बुनियादी ढांचा विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। यूपीएससी के लिए, यह जीएस3 (अवसंरचना, सीमा सड़क) और जीएस1 (भूगोल - पहाड़ी दर्रे, रणनीतिक स्थान) के तहत प्रासंगिक है।
मुख्य तथ्य
- •Breakthrough Date: June 9, 2026
- •Tunnel Length: 13.153 km
- •Altitude: 11,578 feet
- •Estimated Completion: February 2028
- •Contractor: Megha Engineering and Infrastructure Limited (MEIL)
- •Travel Time Reduction: 1.5 hours to 15 minutes
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