भारत ने सार्क अवरोध पर पाकिस्तान पर साधा निशाना
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजू ने सार्क सदस्यों से क्षेत्रीय गुट को फिर से शुरू करने और बातचीत के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने का आग्रह किया, जिसमें क्षेत्रीय शांति और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया। भारत ने इस अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधा, यह कहते हुए कि दक्षिण एशिया में हर कोई जानता है कि कौन सा देश सार्क की प्रगति में बाधा डाल रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि सहयोग के लिए सद्भावना की आवश्यकता होती है, पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद का जिक्र करते हुए, जिसने चर्चाओं को रोक दिया है। बांग्लादेश ने भी जुलाई में दक्षिण एशियाई सहयोग को गहरा करने के लिए समर्थन व्यक्त किया, जिसमें संगठन को पुनर्जीवित करने के उपायों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों को आयोजित करने का आह्वान किया गया।
AI सारांश
3 bulletsमालदीव ने सार्क को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजू ने अपने देश के 61वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) को फिर से शुरू करने की अपील की। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और सहयोग के लिए बातचीत के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने के महत्व पर जोर दिया। मुइजू ने सार्क समूह के भीतर मौजूदा गतिरोध को तोड़ने के लिए मालदीव को मध्यस्थ के रूप में भी पेश किया।
भारत ने सार्क अवरोध की आलोचना की
मालदीव की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान की आलोचना की। जायसवाल ने कहा कि दक्षिण एशिया में हर कोई जानता है कि कौन सा देश और कौन सी गतिविधियां सार्क के कामकाज में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए सद्भावना आवश्यक है, पाकिस्तान के कथित सीमा पार आतंकवाद की ओर इशारा करते हुए।
रुकी हुई वार्ताओं में पाकिस्तान की भूमिका
लेख में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद के लगातार समर्थन के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत ठप हो गई है। इसके अलावा, पाकिस्तान अफगानिस्तान के खिलाफ भी आक्रामक कार्रवाइयों में लिप्त रहा है। इन कार्रवाइयों को सार्क ढांचे के भीतर उत्पादक जुड़ाव और सहयोग के लिए बड़ी बाधाओं के रूप में देखा जाता है।
बांग्लादेश ने क्षेत्रीय सहयोग का समर्थन किया
जुलाई में ही, बांग्लादेश ने भी दक्षिण एशिया में सहयोग को मजबूत करने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री, शामा ओबेद ने सार्क के भीतर क्षमता और प्रदर्शन के बीच के अंतर को कम करने का आह्वान किया। उन्होंने बढ़ी हुई कार्यान्वयन क्षमता, अधिक आर्थिक शक्ति और अधिक प्रभावी प्रणालियों के माध्यम से संगठन को पुनर्जीवित करने का सुझाव दिया।
क्यों मायने रखता है
सार्क में मौजूदा गतिरोध क्षेत्रीय सहयोग और विकास पर असर डालता है। मालदीव का पुनरुद्धार का आह्वान और भारत का रुख दक्षिण एशियाई देशों के बीच प्रभावी सहयोग को रोकने वाले लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को उजागर करता है, खासकर पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के कथित समर्थन के कारण।
मुख्य तथ्य
- •Maldives President: Mohamed Muizzu
- •Indian MEA Spokesperson: Randhir Jaiswal
- •SAARC Members: Afghanistan, Bangladesh, Bhutan, India, Maldives, Nepal, Pakistan, Sri Lanka
- •Maldives Independence Day: 61st anniversary
- •Bangladesh Minister of State for…: Shama Obed
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