केरू बाईपास टावर विवाद: ग्रामीणों ने निर्माण में सुरक्षा चूक का आरोप लगाया
जोधपुर के केरू बाईपास पर ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर बिजली टावर के निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि तकनीकी मानकों का उल्लंघन किया गया है, जहां दो टावरों की जरूरत थी वहां सिर्फ एक ही टावर लगाया गया है, और नींव को कंक्रीट के बजाय मलबे से भर दिया गया है। बाईपास पर भारी यातायात और उसी जगह पर पहले हुई एक घटना के कारण निवासियों को बड़े हादसे का डर है। वे निष्पक्ष जांच, उचित निर्माण और कथित धमकियों व गैर-अनुपालन के लिए अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।
AI सारांश
3 bulletsनिर्माण में लापरवाही का आरोप
जोधपुर के केरू बाईपास पर तीन चौराहे के पास के निवासियों ने बिजली विभाग द्वारा बिजली टावर के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि काम में लापरवाही बरती गई है और स्थापित तकनीकी मानकों का उल्लंघन किया गया है, जिससे भविष्य में बड़े हादसों का खतरा है।
घटिया काम के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जगह पर तकनीकी रूप से दो बिजली टावरों की आवश्यकता थी, वहां केवल एक ही टावर लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, उनका आरोप है कि स्थापित टावर की नींव को ठीक से नहीं बनाया गया था, जिसमें आवश्यक सीमेंट और कंक्रीट के बजाय मलबा और कचरा भरा गया था, जिससे इसकी स्थिरता खतरे में है।
सुरक्षा खतरे और पिछली घटनाएं
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कुछ दिन पहले उसी स्थान पर एक दुर्घटना हुई थी। केरू बाईपास पर भारी वाहनों और आम लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, जिससे उनकी यह आशंका बढ़ गई है कि यदि मौजूदा निर्माण कमियों को तुरंत ठीक नहीं किया गया तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
अधिकारियों की उदासीनता और मांगें
ग्रामीण सुमेर गहलोत का दावा है कि संबंधित अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद, ठेकेदार ने मनमानी की है और समस्या को हल करने के बजाय धमकियां भी दी हैं। निवासियों ने पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष जांच और लापरवाह अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उचित बुनियादी ढांचे की मांग
ग्रामीण साइट पर दूसरे बिजली टावर की स्थापना की भी वकालत कर रहे हैं, जो मूल तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उनका कहना है कि मौजूदा टावर की नींव को सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमेंट और कंक्रीट से ठीक से मजबूत किया जाना चाहिए, यह बताते हुए कि यह बिजली विभाग के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
क्यों मायने रखता है
व्यस्त बाईपास पर बिजली टावर के घटिया निर्माण के आरोप सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करते हैं, यदि इसे तुरंत और उचित तरीके से संबोधित नहीं किया गया तो यह एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Location of dispute: Three intersection, Keru Bypass, Jodhpur
- •Alleged violation: One tower erected instead of two; foundation filled with debris not concrete
- •Previous incident: An accident occurred at the same spot recently
- •Complainant: Sumer Gehlot (villager)
- •Demand: Impartial inquiry, second tower, proper foundation, action against negligent parties
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