कैबिनेट ने ₹8,970 करोड़ के गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर को दी मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने असम में गुवाहाटी और तेजपुर के बीच 135 किलोमीटर लंबे चार-लेन एक्सेस-नियंत्रित राजमार्ग को मंजूरी दे दी है, जिसकी लागत ₹8,970 करोड़ है। इस परियोजना में भारतीय वायुसेना के लिए एक आपातकालीन लैंडिंग सुविधा भी शामिल है, जिसका उद्देश्य यात्रा के समय को आधा करना, औसत गति को दोगुना करना और असम व अरुणाचल प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इसे बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर (BOT) मोड के तहत विकसित किया जाएगा और इसमें पांच बड़े बाईपास, 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और एक हाथी अंडरपास शामिल हैं, जो क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों से कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार करेंगे।
AI सारांश
3 bulletsमंत्रिमंडल की मंजूरी और परियोजना का दायरा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुवाहाटी और तेजपुर को जोड़ने वाले 135 किलोमीटर लंबे, चार-लेन एक्सेस-नियंत्रित कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। ₹8,970 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र में मौजूदा बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण रूप से उन्नत करने के लिए तैयार है, जो कनेक्टिविटी और यात्रा दक्षता के मामले में पर्याप्त लाभ का वादा करती है।
मुख्य विशेषताएं और बुनियादी ढाँचा
इस कॉरिडोर की एक विशिष्ट विशेषता भारतीय वायुसेना के समन्वय से विकसित तेजपुर बाईपास के पास 5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का समावेश है। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना में कुल 58.7 किलोमीटर के पांच प्रमुख बाईपास, 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और एक अभिनव हाथी अंडरपास शामिल हैं, जो यातायात प्रवाह और वन्यजीवों दोनों के विचारों को संबोधित करते हैं।
परिचालन मॉडल और लाभ
इस कॉरिडोर को बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर (BOT) मोड के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे एक निजी विक्रेता निर्माण, संचालन करेगा और अंततः स्वामित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित करेगा। इस मॉडल से कुशल निष्पादन और रखरखाव की सुविधा मिलने की उम्मीद है। पूरा होने पर, परियोजना का लक्ष्य यात्रा के समय को आधा करना और औसत यात्रा गति को दोगुना करना है, जिससे सड़क सुरक्षा में काफी सुधार होगा।
बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
नया कॉरिडोर असम और अरुणाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स हब को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह आठ औद्योगिक पार्कों, दरांग और उदलगुरी के आकांक्षी जिलों, और माँ कामाख्या मंदिर और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को, प्रमुख रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और जलमार्ग टर्मिनलों के साथ जोड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
क्यों मायने रखता है
यह कॉरिडोर बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा, यात्रा के समय को कम करेगा और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, जिससे आर्थिक विकास और रणनीतिक रक्षा में सहायता मिलेगी।
मुख्य तथ्य
- •Project Cost: ₹8,970 crore
- •Corridor Length: 135 km
- •Lanes: Four-lane access-controlled
- •Key Feature: IAF Emergency Landing Facility (5 km)
- •Development Model: Built Operate Transfer (BOT)
- •Expected Travel Time Reduction: 50%
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