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नए टोल प्लाजा नियम: 60 किमी न्यूनतम दूरी अनिवार्य

Briovo· 27 Jun 2026, 07:31 am IST
नए टोल प्लाजा नियम: 60 किमी न्यूनतम दूरी अनिवार्य

केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा निर्माण के नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत सामान्य परिस्थितियों में दो टोल प्लाजा के बीच न्यूनतम 60 किलोमीटर की दूरी अनिवार्य होगी। एक नई एसओपी (Standard Operating Procedure) लागू की गई है और इसके पालन के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। 60 किमी से कम दूरी या किसी शहर की सीमा से 10 किमी के भीतर टोल प्लाजा बनाने के लिए निर्माण शुरू होने से पहले टोल समिति से विशेष अनुमति लेनी होगी। नई प्रणाली पारदर्शिता और यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल तकनीक पर जोर देती है। इसका उद्देश्य कम दूरी पर बार-बार टोल भरने की शिकायतों को कम करना और राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के यात्रा अनुभव को सुव्यवस्थित करना है।

AI सारांश

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टोल प्लाजा के लिए नए मानक

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर नए टोल प्लाजा स्थापित करने के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन अद्यतन नियमों के तहत, सामान्य परिस्थितियों में किन्हीं भी दो टोल प्लाजा के बीच न्यूनतम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए। इसका उद्देश्य उन स्थितियों को रोकना है जहां यात्रियों को कम दूरी पर कई टोल का भुगतान करना पड़ता है।

विशेष अनुमोदन और समिति की निगरानी

एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गई है, साथ ही अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। किसी अन्य टोल प्लाजा के 60 किलोमीटर के भीतर या किसी शहर की नगरपालिका सीमा के 10 किलोमीटर के भीतर टोल प्लाजा बनाने के किसी भी प्रस्ताव के लिए अब इस समर्पित टोल समिति से विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी। यह अनुमोदन सड़क निर्माण शुरू होने से पहले ही प्राप्त करना होगा।

डिजिटल एकीकरण और पारदर्शिता पर जोर

अद्यतन ढांचा टोल संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियों के एकीकरण पर महत्वपूर्ण जोर देता है। इसके अलावा, टोल संग्रह से संबंधित अधिसूचना केवल तभी जारी की जानी चाहिए जब राजमार्ग निर्माण का कम से कम 95 प्रतिशत पूरा हो जाए। इन उपायों से प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की उम्मीद है।

यात्रियों की शिकायतों का निवारण

काफी समय से, यात्रियों ने एक-दूसरे के बहुत करीब स्थित टोल प्लाजा, कभी-कभी 30 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित टोल प्लाजा के बारे में शिकायतें की हैं। ये नए नियम ऐसी शिकायतों का सीधा जवाब हैं, जिनका उद्देश्य कम दूरी के लिए टोल भुगतानों की आवृत्ति को कम करना और इस प्रकार राजमार्गों पर समग्र यात्रा अनुभव में सुधार करना है।

दिल्ली MCD की प्रवर्तन पहल

एक संबंधित घटनाक्रम में, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर टोल प्लाजा पर टोल नियमों के उल्लंघन के लिए ई-नोटिस जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत होने के बाद, इस पहल से टोल नियमों का प्रवर्तन अधिक प्रभावी होने और चालकों के बीच अधिक अनुपालन सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

क्यों मायने रखता है

ये संशोधित नियम दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी के सड़क उपयोगकर्ताओं पर वित्तीय बोझ को कम करके और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा दक्षता में सुधार करके महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगे।

मुख्य तथ्य

  • Minimum Distance for New Toll Plazas: 60 kilometers
  • Special Permission Required: For plazas within 60 km or 10 km of a city limit
  • Approval Timeline: Before road construction begins
  • Technology Focus: Digital systems and modern techniques for transparency
  • Toll Notification Requirement: Issued after 95% highway construction completion
  • Delhi MCD Proposal: E-notices for toll rule violations

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